राजकीय डूंगर महाविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग द्वारा विभागाध्यक्ष प्रो. साधना भंडारी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के अवसर पर “विकसित भारत 2047” थीम पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. राजेंद्र पुरोहित ने छात्रों को संबोधित करते हुए भारत को सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. इला चारण ने बताया कि यह दिवस उन सभी सिविल सेवकों को समर्पित है, जो सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन, राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्रीमती प्रियंका खींची ने प्रशासन में प्रतिबद्धता, तटस्थता, संवेदनशीलता, जवाबदेही, कुशलता और मितव्ययिता जैसे मूल्यों पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. मुक्ता गोठवाल ने वर्तमान प्रशासन में पारदर्शिता, समावेशी शासन और डिजिटल गवर्नेंस के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। श्रीमती सुमन कच्छावा ने मिशन कर्मयोगी के तहत क्षमता निर्माण के प्रयासों की जानकारी दी।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रशासन के विभिन्न आयामों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल में प्रो. श्यामा अग्रवाल, श्री घनश्याम बिठू और सुश्री कविता पाल शामिल रहे।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रशांत रॉय, द्वितीय स्थान कल्पना सोनी और तृतीय स्थान प्रिया कच्छावा ने प्राप्त किया। विजेताओं को प्राचार्य डॉ. राजेंद्र पुरोहित द्वारा प्रशंसा पत्र एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।



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