बीकानेर की पावन धरा छोटी काशी में विगत छह दिनों से धर्मनगर द्वार स्थित रताणी व्यास बगीची में प्रथम बार आयोजित विष्णु पुराण कथा निरंतर जारी है। कथा के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मणी विवाह उत्सव बड़े ही उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया।
विष्णु पुराण कथा आयोजन समिति के सदस्य गिरधर स्वामी एवं सुरेश चांडक ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि कथा का वाचन मरूनायक व्यास पीठाधीश्वर पंडित भाईश्री के मुखारविंद से प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है।
समिति सदस्य बृजमोहन बिहानी ने बताया कि कथा के छठे दिन व्यासजी महाराज ने विष्णु पुराण के विभिन्न प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर के निमित्त किया गया दान-पुण्य जीव को चौगुना होकर प्राप्त होता है। आज की कथा का मुख्य प्रसंग श्रीकृष्ण एवं रुक्मणी विवाह रहा। कथा के अंतिम सत्र में भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी की भव्य सचेतन झांकी निकाली गई।
समिति प्रवक्ता पवन कुमार राठी ने बताया कि सचेतन झांकी में कृष्ण के रूप में रिया कछावा तथा रुक्मणी के रूप में लक्षिता रानी राठी ने शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
सुनीलम पुरोहित के अनुसार कार्यक्रम में प्रमुख संगीतकार रमण सांखला एवं नवीन आचार्य की टीम ने मधुर भजनों की शानदार प्रस्तुति देकर पूरे पंडाल को भक्तिमय बना दिया। आज के यजमान गणेश सेवग द्वारा मंडप पूजन संपन्न करवाया गया।
आयोजन समिति से जुड़े सदस्य मूल सिंह राठौड़ ने बताया कि कथा श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं के लिए कूलर, एसी तथा पेय पदार्थों के रूप में शीतल जल, ठंडी लस्सी, छाछ, शरबत एवं कोल्ड ड्रिंक आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन आरती के पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरण भी किया जाता है।
विष्णु पुराण कथा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में समिति सदस्य योगेश बिस्सा, बृज गोपाल बोहरा, तेजकरण चूरा, दीपक व्यास, अमित गुप्ता, आसाराम सांखला, गणेश मूंधड़ा, गिरिराज बिहाणी एवं हरिमोहन दम्माणी का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है।

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