बीकानेर। छोटी काशी बीकानेर में प्रथम बार आयोजित सप्त दिवसीय विष्णु पुराण कथा का कल यज्ञ एवं महाप्रसाद के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ।
समिति सदस्य गिरधर स्वामी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कथा के सप्तम दिवस पर पंडित मुरली पुरोहित एवं पंडित तरुण व्यास के आचार्यत्व में यजमान कन्हैयालाल जोशी एवं उनकी धर्मपत्नी अनुराधा जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंडप पूजन एवं यज्ञ संपन्न करवाया।
समिति प्रवक्ता पवन कुमार राठी ने बताया कि मरुनायक पीठाधीश्वर कथावाचक पंडित भाई श्री जी ने कथा के अंतिम दिवस भगवान विष्णु के 24 अवतारों का संक्षिप्त वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को विष्णु पुराण की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि विष्णु पुराण पोथी को घर में स्थापित करना अथवा अभिमंत्रित पोथी को किसी ब्राह्मण को भेंट करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
समिति सदस्य सुरेश चांडक एवं सुनीलम पुरोहित ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति के पश्चात सभी यजमानों एवं श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
समिति सदस्य बृजमोहन बिहाणी ने बताया कि इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्यों ने गिरधर स्वामी के नेतृत्व में व्यासपीठ का सामूहिक अभिनंदन किया। पंडित भाई श्री जी को माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर, नारियल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। अभिनंदन पत्र का वाचन गिरधर स्वामी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में किया।
समिति सदस्य पुरुषोत्तम व्यास एवं मूलसिंह राठौड़ ने जानकारी दी कि कथा में बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेठानंद व्यास ने भी उपस्थित होकर व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया।
अंतिम सत्र में पंजीकृत यजमानों को विष्णु पुराण पोथियां वितरित की गईं। समिति प्रवक्ता पवन कुमार राठी ने सप्त दिवसीय कथा आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कथा के सफल आयोजन में विशेष सहयोग देने वाले गिरधर स्वामी, सुरेश चांडक, मूलसिंह राठौड़, बृजमोहन बिहाणी, शिवजी भा, रवि सुथार, पवन कुमार राठी, प्रहलाद सिंह, सुनीलम पुरोहित, सतीश मक्कड़ सहित अन्य सदस्यों का व्यासपीठ की ओर से आभार व्यक्त किया गया। कथावाचक पंडित भाई श्री जी ने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए धर्म एवं सेवा कार्यों में निरंतर सहभागिता निभाने का आह्वान किया।


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