नशामुक्ति, जल संरक्षण और समाज निर्माण का संदेश: केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने गुरु स्तुति-वंदना कर भामाशाहों व प्रबुद्धजनों का किया सम्मान




आज क्षेत्र में एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नशा मुक्ति, जल संरक्षण एवं समाज निर्माण से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों पर विचार-विमर्श किया गया और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले भामाशाहों व प्रबुद्ध जनों का सम्मान किया गया।

माननीय केंद्रीय मंत्री द्वारा गुरु स्तुति एवं वंदना:

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एक रहे माननीय केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम जी, जिन्होंने समारोह के अवसर पर महाराज दाताश्री की पावन गुरु स्तुति एवं वंदना की। अपने संबोधन में उन्होंने अध्यात्म, गुरु-भक्ति और भारतीय संस्कृति को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया।

भाषण के प्रमुख बिंदु एवं सामाजिक संदेश:

कार्यक्रम में वक्ताओं ने केवल 'नशा मुक्ति' और 'जल संरक्षण' ही नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों को अपने विचारों में प्रमुखता से शामिल किया:

1. पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण:

"प्रकृति हमें सब कुछ देती है।" वक्ताओं ने संदेश दिया कि प्रत्येक नागरिक को अपने या अपने बच्चों के जन्मदिवस तथा विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का दृढ संकल्प लेना चाहिए।

2. युवा शक्ति और संस्कार (संस्कृति का संरक्षण):

आज की युवा पीढ़ी को आधुनिक तकनीक और डिजिटल युग से जुड़ने के साथ-साथ अपनी संस्कृति, नैतिक मूल्यों और बड़े-बुजुर्गों के सम्मान की समृद्ध परंपरा को हमेशा बनाए रखना चाहिए।

3. स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी:

"स्वच्छता ही सेवा है।" अपने घर, मंदिर और आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना हर नागरिक की धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

4. बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ एवं नारी सम्मान:

समाज की वास्तविक और टिकाऊ प्रगति तभी संभव है जब नारियों को पूरा सम्मान मिले और बेटियों को शिक्षा व आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान किए जाएं।

5. गौ-सेवा और प्राणी मात्र पर दया:

सनातन संस्कृति में 'जीव दया' को परम धर्म माना गया है। पक्षियों के लिए परिंडे/दाना-पानी और गौ-सेवा को अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।

6. डिजिटल सजगता और समय का सदुपयोग:

सोशल मीडिया और मोबाइल के अत्यधिक व अनावश्यक उपयोग से बचकर युवाओं को अपनी ऊर्जा और समय राष्ट्र निर्माण, खेलकूद तथा रचनात्मक कार्यों में लगाने की सलाह दी गई।

विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध जनों व भामाशाहों का परिचय एवं सम्मान:

समारोह के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा और व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रमुख हस्तियों एवं भामाशाहों का विशेष रूप से परिचय कराया गया और उन्हें सम्मानित किया गया:

 शिक्षा के क्षेत्र में:

 प्रो. सुमेर चन्द जी जैन

 कैप्टन रामकरण भाकर 

 स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में:

 डा० बी. सी. डागा

 डा० रामगोपाल कुमावत (Cardiologist / हृदय रोग विशेषज्ञ)

 प्रमुख भामाशाह एवं समाज सेवी:

 श्री सीताराम जी भांभू 

 श्री रमेश जी अग्रवाल 'कालूबर्डी' प्रतिनिधि (हल्दीराम ग्रुप)

 श्री राजेश जी चुरा

 व्यवसाय एवं उद्योग के क्षेत्र में:

 श्री विनोद जी गोयल 

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