लोकराग फाउंडेशन एवं डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में 12 सितंबर को होगा गुरु गौरव सम्मान
बीकानेर।शिक्षक समाज के निर्माता और भावी पीढ़ी के मार्गदर्शक होते हैं। उनके ज्ञान, संस्कार और समर्पण का सम्मान करना समाज का दायित्व है। इसी उद्देश्य के साथ लोकराग फाउंडेशन एवं डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 12 सितंबर को गुरु गौरव सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
समारोह के पोस्टर का विमोचन गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता दीपक जोशी, गंगासिंह विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मेघना शर्मा, ओएसडी एग्रीकल्चर एवं रोटरी रॉयल्स के अध्यक्ष विपिन लढा, प्रख्यात ज्योतिषाचार्य अनिल पुरोहित तथा कुमार सर क्लासेज के निदेशक कुमार विप्लव सर ने संयुक्त रूप से पोस्टर का विमोचन किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व का निर्माण कर जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। गुरु का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है।
डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि शिक्षकों का योगदान किसी भी समाज की प्रगति का आधार होता है और उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।
लोकराग फाउंडेशन के निदेशक आनंद आचार्य ने कहा कि गुरु गौरव सम्मान के माध्यम से समाज को दिशा देने वाले शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
योगेश खत्री ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान और समर्पण से पीढ़ियों का भविष्य संवारते हैं तथा उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
विनय थानवी ने कहा कि एक श्रेष्ठ शिक्षक केवल सफल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक भी तैयार करता है। गुरु का सम्मान हमारी संस्कृति की सबसे सुंदर परंपराओं में से एक है।
*शिक्षक समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं : दीपक जोशी*
राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता दीपक जोशी ने कहा कि शिक्षक का सम्मान करना उस महान ज्ञान परंपरा का सम्मान है, जिसने सदियों से समाज और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान की है। शिक्षक केवल कक्षा में खड़े होकर विषयों का अध्ययन कराने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का संचार करता है।
उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील और समर्पित शिक्षक अपने विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानता है तथा उन्हें निखारकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करता है। कई बार एक शिक्षक के कुछ प्रेरक शब्द विद्यार्थी के पूरे जीवन की दिशा बदल देते हैं।
दीपक जोशी ने कहा कि आज के बदलते दौर में शिक्षकों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आधुनिक तकनीक और बदलती शिक्षा पद्धतियों के बीच शिक्षक विद्यार्थियों को केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन में एक अच्छा इंसान बनना है। इस उद्देश्य की पूर्ति में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने लोकराग फाउंडेशन एवं डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुरु गौरव सम्मान जैसे आयोजन शिक्षकों को समाज की ओर से सम्मान और आत्मीयता का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि जब समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है तो युवा पीढ़ी भी इस महान पेशे के प्रति प्रेरित होती है। शिक्षक का सम्मान वास्तव में समाज के भविष्य को सम्मानित करने जैसा है।
उन्होंने सभी शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे आयोजनों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना अत्यंत सराहनीय पहल है।
*शिक्षक व्यक्तित्व निर्माण के सच्चे शिल्पकार हैं : प्रो. मेघना शर्मा*
गंगासिंह विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मेघना शर्मा ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, विचारों और दृष्टिकोण को आकार देने वाला सच्चा मार्गदर्शक होता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण समय शिक्षकों के सान्निध्य में बिताते हैं। ऐसे में शिक्षक का व्यवहार, उसकी सोच और उसके संस्कार विद्यार्थियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
प्रो. शर्मा ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, नई सोच विकसित करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों पर अनेक प्रकार के मानसिक और सामाजिक दबाव होते हैं। ऐसे समय में शिक्षक की भूमिका एक मार्गदर्शक और प्रेरक के रूप में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक विद्यार्थियों की क्षमता को पहचानकर उन्हें उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। यही कारण है कि जीवन की सफलता के पीछे किसी न किसी शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान अवश्य होता है।
प्रो. मेघना शर्मा ने कहा कि गुरु गौरव सम्मान जैसी पहल शिक्षकों के प्रति समाज की सच्ची कृतज्ञता को दर्शाती है। ऐसे आयोजन शिक्षकों को यह अनुभूति कराते हैं कि उनका समर्पण और उनकी मेहनत समाज द्वारा देखी और सराही जा रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सम्मान की संस्कृति जितनी मजबूत होगी, समाज का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को इस प्रेरणादायक पहल के लिए बधाई दी।
*श्रेष्ठ शिक्षक ही मजबूत समाज की नींव रखते हैं : विपिन लढा*
ओएसडी एग्रीकल्चर एवं रोटरी रॉयल्स के अध्यक्ष विपिन लढा ने कहा कि किसी भी मजबूत, विकसित और संस्कारित समाज की नींव श्रेष्ठ शिक्षकों द्वारा ही रखी जाती है। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव से नई पीढ़ी को तैयार करते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल विद्यालय या महाविद्यालय तक सीमित नहीं होता। एक शिक्षक समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। उसके द्वारा दिए गए संस्कार विद्यार्थियों के माध्यम से परिवार और समाज तक पहुंचते हैं।
विपिन लढा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज का विद्यार्थी ही भविष्य का वैज्ञानिक, चिकित्सक, प्रशासक, किसान, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनता है। ऐसे में उसकी प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों का समावेश आवश्यक है। शिक्षक ही विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व समझा सकते हैं।
उन्होंने गुरु गौरव सम्मान समारोह की सराहना करते हुए कहा कि समाज को अपने उन शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए, जिन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके प्रति सम्मान और सहयोग की भावना समाज के व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए।
विपिन लढा ने कहा कि लोकराग फाउंडेशन एवं डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल का यह संयुक्त प्रयास निश्चित रूप से शिक्षकों के सम्मान की एक प्रेरणादायक मिसाल बनेगा।
*गुरु ज्ञान का वह प्रकाश हैं जो जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं : अनिल पुरोहित*
प्रख्यात ज्योतिषाचार्य अनिल पुरोहित ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्रों और परंपराओं में गुरु को ज्ञान का स्रोत और जीवन का सच्चा मार्गदर्शक माना गया है।
उन्होंने कहा कि गुरु ही वह प्रकाश है, जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
अनिल पुरोहित ने कहा कि जीवन में माता-पिता जन्म देते हैं, लेकिन गुरु व्यक्ति के व्यक्तित्व और विचारों को नई दिशा प्रदान करता है। एक श्रेष्ठ गुरु अपने शिष्य के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानकर उसे जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा सदैव से अत्यंत समृद्ध रही है। इस परंपरा ने समाज को अनेक महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिन्होंने देश और दुनिया में अपना विशेष स्थान बनाया।
उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी गुरु का महत्व कम नहीं हुआ है। भले ही ज्ञान प्राप्त करने के अनेक माध्यम उपलब्ध हो गए हों, लेकिन सही दिशा, अनुभव और संस्कार प्रदान करने वाले शिक्षक का स्थान कोई तकनीक नहीं ले सकती।
अनिल पुरोहित ने कहा कि गुरु गौरव सम्मान जैसे आयोजन हमारी महान सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को भी गुरु के महत्व और उनके प्रति सम्मान की भावना को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना वास्तव में उस ज्ञान और संस्कार की परंपरा को मजबूत करना है, जो समाज को निरंतर प्रगति की ओर ले जाती है।
*विद्यार्थी की सफलता ही शिक्षक का सबसे बड़ा पुरस्कार है : कुमार विप्लव*
कुमार सर क्लासेज के निदेशक कुमार विप्लव सर ने कहा कि एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान और सबसे बड़ी उपलब्धि अपने विद्यार्थियों को जीवन में सफल, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ते हुए देखना होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध केवल शिक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विश्वास, प्रेरणा और आत्मीयता का संबंध होता है। शिक्षक अपने विद्यार्थियों की सफलता में स्वयं की सफलता महसूस करता है।
कुमार विप्लव सर ने कहा कि एक अच्छे शिक्षक का प्रयास केवल विद्यार्थियों को परीक्षा में सफल बनाना नहीं होता, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना भी होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक शिक्षक के सामने विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। शिक्षक अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों को सही दिशा देकर उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों को केवल विषयों का ज्ञान ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच की भी आवश्यकता है। शिक्षक इन गुणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुमार विप्लव सर ने कहा कि गुरु गौरव सम्मान जैसे आयोजन शिक्षकों और समाज के बीच सम्मान एवं आत्मीयता के संबंध को और अधिक मजबूत करते हैं। इससे शिक्षकों को नई ऊर्जा और प्रेरणा भी मिलती है।
उन्होंने लोकराग फाउंडेशन एवं डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल की इस संयुक्त पहल को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना एक अनुकरणीय कार्य है।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने गुरु गौरव सम्मान समारोह की सराहना करते हुए इसे शिक्षकों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने वाला प्रेरणादायक आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को आयोजित होने वाला यह समारोह शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को समाज के समक्ष रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।


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